भारत में आकाशीय घटनाएँ 2026–2035: ग्रहण और उल्कावृष्टि (IST)
भारत से दिखने वाले चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण और उल्कावृष्टि — दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के लिए भारतीय मानक समय (IST) में। सभी समय हर शहर के लिए खगोलीय गणना (PyEphem) से निकाले गए हैं।
भारत के लिए मुख्य घटनाएँ
- जेमिनिड्स उल्कावृष्टि, 13–15 दिसंबर 2026 — साल की सबसे अच्छी उल्कावृष्टि। रेडिएंट शाम को उगता है और पतला चाँद रात 10 बजे तक डूब जाता है।
- पूर्ण चंद्रग्रहण, 31 दिसंबर 2028 — नए साल की पूर्व संध्या पर पूरा ग्रहण पूरे भारत में ऊँचे आकाश में दिखेगा (अधिकतम ग्रहण 22:22 IST)।
- वलयाकार सूर्यग्रहण, 21 मई 2031 — केरल और तमिलनाडु के एक पट्टे में (जैसे कोच्चि और मदुरै) दोपहर लगभग 13:00 बजे "आग का छल्ला" दिखेगा; बाकी भारत में गहरा आंशिक ग्रहण।
- पूर्ण सूर्यग्रहण, 20 मार्च 2034 — पूर्णता का पथ कश्मीर और लद्दाख (जैसे श्रीनगर और लेह) तक पहुँचता है, देर दोपहर, जब सूर्य पश्चिम में नीचा होगा; अधिकांश भारत में आंशिक ग्रहण।
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दिल्ली का आकाश खोलें →भारत से दिखने वाले चंद्रग्रहण
चंद्रग्रहण पृथ्वी के उन सभी हिस्सों से एक ही समय पर दिखता है जहाँ चाँद क्षितिज के ऊपर हो, इसलिए पूरे भारत में ग्रहण एक साथ दिखता है। तालिका में वे ग्रहण हैं जिनमें चाँद पृथ्वी की गहरी छाया (प्रच्छाया) में प्रवेश करता है और उस समय भारत में आकाश में होता है। बहुत हल्के उपछाया ग्रहण, जिन्हें पहचानना कठिन है, शामिल नहीं किए गए हैं।
| तारीख | प्रकार | आंशिक चरण (IST) | पूर्णता (IST) | अधिकतम (IST) | अधिकतम ग्रहण के समय चाँद की ऊँचाई |
|---|---|---|---|---|---|
| 6 जुलाई 2028 | आंशिक | 22:38 – 01:01 | — | 23:50 | दिल्ली 37°, मुंबई 45°, कोलकाता 43°, चेन्नई 53°, बेंगलुरु 52°, हैदराबाद 48° |
| 31 दिसंबर 2028 | पूर्ण | 20:36 – 00:06 | 21:45 – 22:57 | 22:22 | दिल्ली 62°, मुंबई 57°, कोलकाता 72°, चेन्नई 62°, बेंगलुरु 59°, हैदराबाद 61° |
| 21 दिसंबर 2029 | पूर्ण | 02:24 – 05:58 | 03:43 – 04:39 | 04:12 | दिल्ली 37°, मुंबई 39°, कोलकाता 26°, चेन्नई 30°, बेंगलुरु 33°, हैदराबाद 33° |
| 16 जून 2030 | आंशिक | 22:50 – 01:16 | — | 00:03 | दिल्ली 38°, मुंबई 47°, कोलकाता 44°, चेन्नई 54°, बेंगलुरु 54°, हैदराबाद 49° |
| 25 अप्रैल 2032 | पूर्ण | 18:57 – 22:30 | 20:10 – 21:17 | 20:44 | दिल्ली 22°, मुंबई 23°, कोलकाता 34°, चेन्नई 32°, बेंगलुरु 30°, हैदराबाद 29° |
| 19 अक्टूबर 2032 | पूर्ण | 22:53 – 02:10 | 00:07 – 00:56 | 00:32 | दिल्ली 70°, मुंबई 81°, कोलकाता 69°, चेन्नई 80°, बेंगलुरु 83°, हैदराबाद 79° |
चंद्रग्रहण को नंगी आँखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। दूरबीन (बाइनोक्युलर) से पूर्णता के समय चाँद का ताँबे जैसा लाल रंग बहुत सुंदर दिखता है।
भारत से दिखने वाले सूर्यग्रहण
सूर्यग्रहण केवल वहीं दिखता है जहाँ चाँद की छाया पड़ती है, इसलिए सूर्य कितना ढकेगा यह आपके शहर पर निर्भर करता है। हर खाने में अधिकतम ग्रहण के समय सूर्य के व्यास का ढका हुआ हिस्सा और उस समय (IST) दिया गया है। "—" का अर्थ है कि उस शहर से ग्रहण नहीं दिखेगा (या सूर्य क्षितिज के नीचे होगा)।
| तारीख | दिल्ली | मुंबई | कोलकाता | चेन्नई | बेंगलुरु | हैदराबाद |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2 अगस्त 2027 | 17% · 16:29 | 43% · 16:41 | 14% · 16:43 | 45% · 16:55 | 49% · 16:53 | 38% · 16:47 |
| 22 जुलाई 2028 | — | — | — | 13% · 06:52 | 10% · 06:50 | — |
| 1 जून 2030 | 21% · 11:33 | — | 1% · 12:23 | — | — | — |
| 21 मई 2031 | 41% · 13:11 | 68% · 12:55 | 58% · 13:41 | 88% · 13:19 | 88% · 13:09 | 75% · 13:13 |
| 3 नवंबर 2032 | 8% · 10:13 | — | 8% · 10:43 | — | — | — |
| 20 मार्च 2034 | 84% · 17:26 | 54% · 17:24 | 62% · 17:30 | 33% · 17:28 | 33% · 17:26 | 47% · 17:28 |
| 2 सितंबर 2035 | — | — | 50% · 05:37 | — | — | — |
सुरक्षा: सूर्य को कभी भी सीधे न देखें, चाहे वह लगभग पूरा ढका हो — और बिना उचित सोलर फ़िल्टर के दूरबीन, टेलीस्कोप या कैमरे से तो बिल्कुल नहीं। प्रमाणित ग्रहण चश्मे का उपयोग करें, या पिनहोल से सूर्य की छवि काग़ज़ पर डालकर देखें।
भारत से उल्कावृष्टि (2026–2027)
"दर" आदर्श अँधेरे आकाश में, रेडिएंट के ठीक सिर के ऊपर होने पर, एक घंटे में दिखने वाली उल्काओं की संख्या (ZHR) है; शहर से इससे बहुत कम दिखेंगी। सबसे अच्छा समय दिल्ली (उत्तर) और बेंगलुरु (दक्षिण) के लिए दिया गया है।
| उल्कावृष्टि | चरम रातें | दर | सबसे अच्छा समय (दिल्ली) | सबसे अच्छा समय (बेंगलुरु) | चाँद |
|---|---|---|---|---|---|
| लियोनिड्स (Leonids) | 17–18 नवंबर 2026 | 15 | रात 1:30 से भोर तक | रात 1:50 से भोर तक | आधा चाँद आधी रात के आसपास डूबता है — अच्छा |
| जेमिनिड्स (Geminids) | 13–14 और 14–15 दिसंबर 2026 | 150 | रात 9 बजे से भोर तक | रात 9:30 से भोर तक | पतला चाँद रात 10 बजे के आसपास डूबता है — बहुत अच्छा |
| क्वाड्रेंटिड्स (Quadrantids) | 3–4 जनवरी 2027 | 110 | रात 3 बजे से भोर तक | रात 4 बजे से भोर तक (रेडिएंट नीचा) | पतला चाँद भोर से पहले उगता है — अच्छा |
| लिरिड्स (Lyrids) | 21–22 अप्रैल 2027 | 18 | रात 11 बजे से भोर तक | रात 11:30 से भोर तक | लगभग पूरा चाँद — कमज़ोर |
| ईटा एक्वेरिड्स (Eta Aquariids) | 5–6 मई 2027 | 50 | रात 3:30 से भोर तक | रात 3:30 से भोर तक | अमावस्या — बहुत अच्छा; दक्षिण भारत से बेहतर |
| पर्सिड्स (Perseids) | 12–13 अगस्त 2027 | 100 | रात 2 बजे से भोर तक (चाँद डूबने के बाद) | रात 2:30 से भोर तक (रेडिएंट नीचा) | चमकीला चाँद रात 2 बजे के आसपास डूबता है |
| ओरियोनिड्स (Orionids) | 21–22 अक्टूबर 2027 | 20 | आधी रात से भोर तक | आधी रात से भोर तक | चाँद रात 11 बजे के आसपास उगता है |
क्वाड्रेंटिड्स और पर्सिड्स का रेडिएंट उत्तर में है, इसलिए वे उत्तर भारत से बेहतर दिखते हैं; ईटा एक्वेरिड्स का रेडिएंट दक्षिण में है, इसलिए वे दक्षिण भारत से बेहतर दिखते हैं।
आज रात आकाश में ढूँढे जाने वाले तारों के भारतीय नाम
चाँद के मार्ग के पास के कई चमकीले तारे और तारासमूह भारत में नक्षत्र के नाम से जाने जाते हैं। इनमें से कुछ आसानी से पहचाने जा सकते हैं। ये पारंपरिक नाम हैं; यहाँ इनका उपयोग केवल तारों को ढूँढने में मदद के लिए किया गया है।
| नाम | क्या देखें | शाम का आकाश |
|---|---|---|
| कृत्तिका | प्लीएडीज़ तारासमूह (वृषभ) | नवंबर–फ़रवरी |
| रोहिणी | एल्डेबरन (वृषभ) | दिसंबर–फ़रवरी |
| मृगशिरा | ओरायन का सिर | दिसंबर–मार्च |
| आर्द्रा | बीटलजूस (ओरायन) | दिसंबर–मार्च |
| पुनर्वसु | कैस्टर और पोलक्स (मिथुन) | जनवरी–अप्रैल |
| मघा | रेगुलस (सिंह) | फ़रवरी–मई |
| चित्रा | स्पाइका (कन्या) | अप्रैल–जुलाई |
| स्वाति | आर्कटुरस (भूतेश) | अप्रैल–अगस्त |
| ज्येष्ठा | एंटारेस (वृश्चिक) | मई–अगस्त |
| श्रवण | अल्टेयर (गरुड़) | जुलाई–अक्टूबर |
सप्तर्षि (सप्तऋषि मंडल) अंग्रेज़ी में बिग डिपर कहलाता है, और ध्रुव तारा पोलारिस है। उत्तर भारत में वसंत की शामों को सप्तर्षि उत्तरी आकाश में ऊँचा दिखता है; सुदूर दक्षिण में यह नीचा रहता है।
भारत में तारे कब और कहाँ देखें
- सबसे अच्छा मौसम: अक्टूबर से मार्च, जब हवा सूखी और साफ़ होती है। मानसून (लगभग जून से सितंबर) में देश के अधिकांश हिस्सों में बादल आकाश को ढक लेते हैं।
- अँधेरा आकाश: लद्दाख का हानले डार्क स्काई रिज़र्व, भारत का पहला डार्क स्काई रिज़र्व (2022), देश की सबसे अँधेरी जगहों में से एक है। स्पीति और लद्दाख जैसे ऊँचे रेगिस्तान, और गुजरात का कच्छ का रण भी अपने आकाश के लिए जाने जाते हैं।
- शहर में: चाँद, ग्रह, चमकीले तारे और चंद्रग्रहण शहर से भी आसानी से दिखते हैं। उल्कावृष्टि और आकाशगंगा के लिए शहर की रोशनी से कम से कम 50 किमी दूर जाएँ और ऐसी रात चुनें जब चाँद चमकीला न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में अगला पूर्ण चंद्रग्रहण कब है?
31 दिसंबर 2028 (नए साल की पूर्व संध्या) को। पूरा ग्रहण पूरे भारत में दिखेगा; पूर्णता लगभग 21:45 से 23:00 IST तक रहेगी।
भारत में अगला सूर्यग्रहण कब है?
2 अगस्त 2027 को देर दोपहर में अधिकांश भारत में आंशिक सूर्यग्रहण दिखेगा — बेंगलुरु और चेन्नई में सूर्य का लगभग आधा व्यास ढकेगा, उत्तर में कम। भारत में अगला केंद्रीय ग्रहण 21 मई 2031 का वलयाकार ग्रहण है, जो केरल और तमिलनाडु में दिखेगा।
क्या होशिज़ोरा डोम भारतीय शहरों के लिए काम करता है?
हाँ। यह प्लैनेटेरियम किसी भी अक्षांश और देशांतर के लिए आकाश की गणना करता है। ऊपर दिए गए शहर के लिंक से खोलें, या लोकेशन की अनुमति देकर ठीक अपनी जगह का आकाश देखें। ऐप अभी अंग्रेज़ी और जापानी में है।